ये है मोदी सरकार की बड़ी नाकामयाबी, जिससे शायद भारत देश के सभी लोग वाकिफ होंगे
यूँ तो भारत देश के लोगो ने प्रधानमंत्री के रूप में पीएम मोदी को काफी पसंद किया है। वही दूसरी तरफ मोदी सरकार ने भी देश का विकास करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मगर आज हम आपको मोदी सरकार की बड़ी नाकामयाबी से भी रूबरू करवाना चाहते है। जी हां ऐसी नाकामयाबी जिससे यक़ीनन देश के सभी लोग वाकिफ होंगे। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने काला धन मिटाने के लिए नोटबंदी की थी और उनका यह फैसला काफी हद तक सही भी साबित हुआ। इसके इलावा भी मोदी सरकार ने देश के हित के लिए कई बड़े फैसले किए थे। जैसे कि सर्जिकल स्ट्राइक मोदी सरकार द्वारा किया गया एक ऐसा फैसला था जिसने सब के सामने यह साबित कर दिया कि भारत के सैनिक कितने मजबूत और निडर है।

ये है मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामयाबी..
मगर इसके बावजूद भी मोदी सरकार इस एक काम को पूरा करने में सफल नहीं हो पाई और यही मोदी सरकार की बड़ी नाकामयाबी है। जी हां अगर खबरों की माने तो देश में बढ़ती हुई बेरोजगारी को दूर करना मोदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती थी। बहरहाल इस चुनौती में मोदी सरकार बुरी तरह से हार गई। वैसे अगर जनता और मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ऐसा कहा जा रहा है कि मोदी सरकार पांच साल बीत जाने के बाद भी देश के युवको को रोजगार नहीं दे पाई। इसके साथ ही जनता का कहना है कि मोदी सरकार ने सब को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन वह अपना वादा पूरा नहीं कर पाई।
यानि अगर हम सीधे शब्दों में कहे तो जनता की नजरो में यह मोदी सरकार की बड़ी नाकामयाबी है। बहरहाल आम जनता को यह लगता है कि मोदी सरकार ने बढ़ती हुई बेरोजगारी को कम करने के लिए कुछ खास और बड़े कदम नहीं उठाएं। जिसके कारण भारत देश में आज भी बेरोजगारी देखी जा सकती है। गौरतलब है कि आम जनता को यह लगता है कि मोदी सरकार जरूरी चीजों की कीमते तो बढ़ाती रही, लेकिन उन चीजों को खरीदने के लिए आमदन का कोई जरिया नहीं दिखाया।
वैसे आपको क्या लगता है कि क्या वास्तव में बेरोजगारी ही मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामयाबी है। क्या भविष्य में मोदी सरकार अपनी इस नाकामयाबी को दूर कर पाएगी। क्या अगली बार मोदी सरकार कामयाब हो पाएगी।
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hello everyone, my name is Rajni Goyal. i am a writer but on the other side i love music. to be very frank i also even don’t know what i want to do in my life. लेकिन अगर अपनी भाषा मैं कहूं तो…. भटकती हुई मुसाफिर हूँ, मंजिल की तलाश है, जहाँ मंजिल दिख जाएँ वही लिखा हमारी किस्मत का असली आगाज है।



